Sone ki Dua in Hindi | सोने से पहले पढ़ी जाने वाली दुआ क़ुरान व सहीह हदीस की रौशनी में

अस्सलामुअलैकुम अल्लाह ने हमें एक मुक़म्मल दीन ए इस्लाम दिया हैँ ताकि हम अपनी दुनिया भी सवार सके और अपनी आखिरत भी।

हमारा दुनियाँ में सबसे बड़ा मकसद हैँ अल्लाह की रजा हासिल करना इसलिए हमें वो सब नेकिया करते रहना चाहिए जिसका अल्लाह ने हमें हुक्म दिया हैँ, और इनमे दुआएं भी शामिल हैँ, इसलिए हमें सभी दुआएं सीखते रहना चाहिए, इसलिए आज हम Sone ki Dua सीखेंगे क्योंकि इसे पढ़कर अमल करने से हम अल्लाह कि मदद हासिल कर सकते हैं।

नीचे हम इस दुआ को आसान तर्जुमे के साथ सीखने वाले हैं, इसलिए इसे पूरा जरूर पढ़े।

Sone ki Dua in Hindi
Sone ki Dua in Hindi | सोने से पहले पढ़ी जाने वाली दुआ क़ुरान व सहीह हदीस की रौशनी में 3

Sone Ki Dua in Hindi

सोने कि दुआ पढ़ने से सवाब तो मिलता हीं हैँ साथ हीं अल्लाह हमें शैतानी वशवंशों, जहरीले, नुकसान पहुंचाने वाले जानवरो और बुरे इंसानों से भी महफूज रखता हैँ इसलिए हमें सोने से पहले दुआ पढ़कर सोना चाहिए तो चलिए सीखते हैँ –

आज हम सोने की 13 दुआएं सीखने वाले है इन शा अल्लाह

Dua No. 1 – सूरह अल-इखलास, सूरह अल-फ़लक और सूरह अल-नास

Arabic

حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، حَدَّثَنَا الْمُفَضَّلُ، عَنْ عُقَيْلٍ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ عُرْوَةَ، عَنْ عَائِشَةَ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم كَانَ إِذَا أَوَى إِلَى فِرَاشِهِ كُلَّ لَيْلَةٍ جَمَعَ كَفَّيْهِ ثُمَّ نَفَثَ فِيهِمَا فَقَرَأَ فِيهِمَا
‏{‏قُلْ هُوَ اللَّهُ أَحَدٌ‏}‏ وَ‏{‏قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ الْفَلَقِ‏}‏ وَ‏{‏قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ النَّاسِ‏}‏ ثُمَّ يَمْسَحُ بِهِمَا مَا اسْتَطَاعَ مِنْ جَسَدِهِ يَبْدَأُ بِهِمَا عَلَى رَأْسِهِ وَوَجْهِهِ وَمَا أَقْبَلَ مِنْ جَسَدِهِ يَفْعَلُ ذَلِكَ ثَلاَثَ مَرَّاتٍ‏.

हिंदी तर्जुमा

नबी करीम सल्लल्लाहु अलैही व सल्लम जब अपने बिस्तर पर आराम फरमाते तो अपने दोनो हथेलिया इकट्ठा करके उन में फूंक मारते, फ़िर { सूरह अल-इखलास, सूरह अल-फ़लक और सूरह अल-नास } पढ़ते, फिर दोनो हथेलियों को जहान तक मुमकिन हो अपने जिस्म पर फेर लेते, सर, चेहरा और जिस्म के सामने वाले हिस्से से शुरू करते। ये अमल नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम तीन बार करते थे

Hindi Tarjuma

NABI KAREEM SALLALLAHU ALAIHI WA SALLAM jab apne bistar par aaraam farmatay to apne dono hatheyliyan ikhatta karke un mein phoonk maarte, phir { Surah Al-Ikhlas, Surah Al-Falaq aur Surah Al-Nas } padhte, phir donon hatheyliyon ko jahan tak mumkin ho apne jism par pher lete,sar,chehra aur jism ke saamne wale hisse se shuru karte.Ye amal NABI KAREEM SALLALLAH ALAIHI WA SALLAM teen martaba kartay

Reference : Bukhari 5017 | Sahih Muslim 4/1723

Dua No. 2 – सूरह बकराह आयत अल कुरसी

RASOOLULLAH SALLALLAHU ALAIHI WA SALLAM ne farmaya: Jab tum bistar par pahuncho to Aayat Al-Kursi mukammal padho to Allah Taalaa ki taraf se aik muhafiz muqarrar ho jaaye ga aur shaitan subah tak tumhare qareeb na aa sakega

रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमायाः जब तुम बिस्तर पर पहुँचो तो आयत अल-कुरसी मुकम्मल पढ़ो तो अल्लाह ताला की तरफ से एक मुहाफिज मुकर्रर हो जाएगा और शैतान सुबह तक तुम्हारे करीब न आ सकेगा

Reference : Bukhari No 2311, 3275, 5010 | At-Tirmidhi No 2880 | Surah Al Baqarah Aayat No 255

Ayatul kursi

Arabic

ٱللَّهُ لَآ إِلَـٰهَ إِلَّا هُوَ ٱلْحَىُّ ٱلْقَيُّومُ ۚ لَا تَأْخُذُهُۥ سِنَةٌۭ وَلَا نَوْمٌۭ ۚ لَّهُۥ مَا فِى ٱلسَّمَـٰوَٰتِ وَمَا فِى ٱلْأَرْضِ ۗ مَن ذَا ٱلَّذِى يَشْفَعُ عِندَهُۥٓ إِلَّا بِإِذْنِهِۦ ۚ يَعْلَمُ مَا بَيْنَ أَيْدِيهِمْ وَمَا خَلْفَهُمْ ۖ وَلَا يُحِيطُونَ بِشَىْءٍۢ مِّنْ عِلْمِهِۦٓ إِلَّا بِمَا شَآءَ ۚ وَسِعَ كُرْسِيُّهُ ٱلسَّمَـٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضَ ۖ وَلَا يَـُٔودُهُۥ حِفْظُهُمَا ۚ وَهُوَ ٱلْعَلِىُّ ٱلْعَظِيمُ

Allaahu la ilaaha illaahu
al hayyul kyoom
la taakhuzuhoo sintuv vala naum
lahoo ma phis samaavatee vamaaphil arz
man zal lazee yash faoo indahoo illa bi ijanih
yaalamu ma bana ayadee him vama khalphahum
vala yuheetoona bishay imo min ilmihee illa bima sha..a
vasi kurasiyyu hus samaavati val arz
vala yau duhoo hiphjuhuma
vahuval aliyul azeem

हिंदी तर्जुमा

अल्लाह वह है जिसके सिवा कोई माबूद नहीं, जो सदा ज़िन्दा है, जो पूरी कायनात संभाले हुए है, जिसको न कभी ऊँघ लगती है, न नींद। आसमानों में जो कुछ है (वह भी) और ज़मीन में जो कुछ है (वह भी) सब उसी का है। कौन है जो उसके सामने (यानी उसकी बारगाह में) उसकी इजाज़त के बग़ैर किसी की सिफ़ारिश कर सके? वह सारे बन्दों के तमाम आगे पीछे के हालात को अच्छी तरह जानता है, और वे लोग उसके इल्म की कोई बात अपने इल्म के दायरे में नहीं ला सकते, सिवाय उस बात के जिसे वह ख़ुद चाहे। उसकी कुर्सी ने सारे आसमानों और ज़मीन को घेरा हुआ है, और इन दोनों की हिफ़ाजत व निगरानी से उसे ज़रा भी बोझ नहीं होता, और वह बड़ा बुलन्द मक़ाम वाला, बड़ाई वाला है।

Reference : Surat No. 2 Ayat NO. 255  

Dua No. 3 – सूरह अल-बकराह की आखिरी 2 आयतें

RASOOLULLAH SALLALLAHU ALAIHI WA SALLAM ne farmaya: Jo shakhs Surah Al-Baqarah ki aakhri 2 aayaten raat ke waqt padhta hai ye uss ke liye kaafi hoti hein

रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया: जो शख्स सूरा अल-बकराह की आखिरी 2 आयतें रात के वक्त पढ़ता है ये उस के लिए काफी होती हैं

Reference : Bukhari No 4008, 5009, 5040, 5051 || Muslim No 807, 808 || Abu Dawud No 1397 || At-Tirmidhi No 2881 || Ibn Majah No 1368, 1369

Arabic

اٰمَنَ الرَّسُوۡلُ بِمَاۤ اُنۡزِلَ اِلَيۡهِ مِنۡ رَّبِّهٖ وَ الۡمُؤۡمِنُوۡنَ‌ؕ كُلٌّ اٰمَنَ بِاللّٰهِ وَمَلٰٓٮِٕكَتِهٖ وَكُتُبِهٖ وَرُسُلِهٖ لَا نُفَرِّقُ بَيۡنَ اَحَدٍ مِّنۡ رُّسُلِهٖ‌ وَقَالُوۡا
سَمِعۡنَا وَاَطَعۡنَا‌ غُفۡرَانَكَ رَبَّنَا وَاِلَيۡكَ الۡمَصِيۡرُ‏(285)
لَا يُكَلِّفُ اللّٰهُ نَفۡسًا اِلَّا وُسۡعَهَا ‌ؕ لَهَا مَا كَسَبَتۡ وَعَلَيۡهَا مَا اكۡتَسَبَتۡ‌ؕ رَبَّنَا لَا تُؤَاخِذۡنَاۤ اِنۡ نَّسِيۡنَاۤ اَوۡ اَخۡطَاۡنَا ‌ۚ رَبَّنَا وَلَا تَحۡمِلۡ عَلَيۡنَاۤ اِصۡرًا كَمَا حَمَلۡتَهٗ عَلَى الَّذِيۡنَ مِنۡ قَبۡلِنَا ‌‌ۚرَبَّنَا وَلَا تُحَمِّلۡنَا مَا لَا طَاقَةَ لَنَا بِهٖ‌ ۚ وَاعۡفُ عَنَّا وَاغۡفِرۡ لَنَا وَارۡحَمۡنَا اَنۡتَ مَوۡلٰٮنَا فَانۡصُرۡنَا عَلَى الۡقَوۡمِ الۡكٰفِرِيۡنَ‏ (286)

हिंदी तर्जुमा

रसूल उस हिदायत पर ईमान लाया है जो उसके रब की तरफ़ से उस पर उतरी है। और जो लोग इस रसूल के माननेवाले हैं, उन्होंने भी इस हिदायत को दिल से मान लिया है। ये सब अल्लाह और उसके फ़रिश्तों और उसकी किताबों और उसके रसूलों को मानते हैं और उनका कहना ये है कि “हम अल्लाह के रसूलों को एक-दूसरे से अलग नहीं करते। हमने हुक्म सुना और फ़रमाँबरदार हुए। मालिक ! हम तुझसे ग़लतियों पर माफ़ी चाहते हैं और हमें तेरी ही तरफ़ पलटना है।
अल्लाह किसी जान पर उसकी ताक़त से बढ़कर ज़िम्मेदारी का बोझ नहीं डालता। [ 338] हर आदमी ने जो नेकी कमाई है, उसका फल उसी के लिये है और जो बदी समेटी है, उसका वबाल उसी पर है। [ 339] [ ईमान लानेवालो ! तुम यूँ दुआ किया करो,] ऐ हमारे रब ! हमसे भूल-चूक में जो क़सूर हो जाएँ, उन पर पकड़ न कर। मालिक ! हमपर वो बोझ न डाल जो तूने हमसे पहले लोगों पर डाले थे। [ 340] पालनहार ! जिस बोझ को उठाने की ताक़त हममें नहीं है, वो हम पर न रख [ 341] हमारे साथ नरमी कर, हमें, माफ़ कर दे। हम पर रहम कर, तू हमारा मौला है, कुफ़्र [ इनकार] करनेवालों के मुक़ाबले में हमारी मदद कर। [ 342]


Reference : Surat-ul-baqara Aayat 285,286

Dua No. 4

Arabic

بِاسْمِكَ رَبِّي وَضَعْتُ جَنْبِي وَبِكَ أَرْفَعُهُ فَإِنْ أَمْسَكْتَ نَفْسِي فَارْحَمْهَا وَإِنْ أَرْسَلْتَهَا فَاحْفَظْهَا بِمَا تَحْفَظُ بِهِ عِبَادَكَ
الصَّالِحِينَ

Hindi Translation


Aye mere Rab mein ne tere hi naam se apna pehlu (bistar) rakha.Aur tere hi (izn) se isko uthaaunga.Lehaaza agar tu meri rooh ko rok le (meri rooh ley le) to uss par rahem farmana aur agar ussay chhod dey to uski hifazat farmana,jaisay tu apne nek bandon ki hifazat farmata hai

हिंदी तर्जुमा

ऐ मेरे रब मैंने तेरे ही नाम से अपना पहलू ( बिस्तर ) रखा है और तेरे ही (इज़्न) से इसे उठाऊंगा लिहाजा अगर तू मेरी रूह को रोक ले (मेरी रूह ले ले) तो उस पर रहम फरमाना और अगर उसे छोड़ दे तो उसकी हिफाजत फरमाना, जैसे तू अपने नेक बंदे की हिफाजत फरमाता है।

Reference : Bukhari No 6320, 7393 || Muslim No 64 || Abu Dawud No 5050 || At-Tirmidhi No 3401

Dua No. 5

Arabic

أَللَّهُمَّ إِنَّكَ خَلَقْتَ نَفْسِي وَأَنْتَ تَوَفَّاهَا لَكَ مَمَاتُهَا وَمَحْيَاهَا إِنْ أَحْيَيْتَهَا فَاحْفَظْهَا وَإِنْ أَمَتَّهَا فَاغْفِرْ لَهَا أَللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ الْعَافِيَةَ


Hindi Translation


Aye Allah tune hi meri rooh ko paida kiya,aur tu hi ussay faut kare ga.Tere hi liye uski maut aur hayaat hai.Agar tu ussay zinda rakhay to uski hifazat farmana aur agar ussay maut dey to ussay maaf farmana,aye Allah bila-shuba mein tujh se aafiyat ka sawaal karta hoon

हिंदी तर्जुमा


ऐ अल्लाह तूने हीं मेरी रूह को पैदा किया और तु हीं उसे फ़ौत करेगा तेरे हीं तेरे हीं लिए उसकी मौत और हयात है अगर तु उसे जिन्दा रखें तो उसकी हिफाजत फरमाना और अगर उसे मौत दें तो उसे माफ फरमाना ऐ अल्लाह बिला सूबा मै तुझसे आफियत का सवाल करता हूँ।

Reference : Muslim No 2712

Dua No. 6

RASOOLULLAH SALLALLAHU ALAIHI WA SALLAM jab sone ka iradah farmatay to daen (right) hatheli ko apne rukhsaar mubarak ke neeche rakhte aur phir 3 Martaba ye dua padhte

Arabic


أَللَّهُمَّ قِنِي عَذَابَكَ يَوْمَ تَبْعَثُ عِبَادَكَ

Hindi Translation


Aye Allah mujhe (uss din) apne azaab se bachacha jiss din tu apne bandon ko uthaaye ga

हिंदी तर्जुमा


अल्लाह मुझे उस दिन अपने आजाब से बचाना जिस दिन तु अपने बन्दों को उठाएगा

Reference : Abu Dawud No 5045. || At-Tirmidhi No 3399

Dua No. 7

Arabic

بِاسْمِكَ أَللَّهُمَّ أَمُوتُ وَأَحْيَا

Hindi Translation


Aye Allah mein tere hi naam se marta aur jeeta hoon

हिंदी तर्जुमा


ऐ अल्लाह मै तेरे हीं नाम से जीता मरता हूँ

Reference : Bukhari No 6312, 7394 || Muslim No 2711 || Abu Dawud No 5049 || At-Tirmidhi No 3417

Dua No. 8

RASOOLULLAH SALLALLAHU ALAIHI WA SALLAM ne farmaya:Jo shakhs bistar par lattey (sote waqt)
33 martaba
SUBHANALLAH,
33 martaba
ALHAMDULILLAH aur
34 martaba
ALLAHU AKBAR
padhe to ye uss key liye aik naukar se behtar hai


Arabic


سُبْحَانَ اللَّهِ (33) الْحَمْدُ لِلَّهِ (33) اَللهُ اَكْبَرُ (34)

Hindi Translation


Allah paak hai [33 Martaba],
Sab taareefein Allah hi ke liye hein [33 Martaba],
Allah sab se bada hai [34 Martaba]


हिंदी तर्जुमा


अल्लाह पाक है [ 33 मर्तबा ]
सब तारीफेँ अल्लाह हीं के लिए है [ 33 मर्तबा ]
अल्लाह सबसे बड़ा है [ 34 मर्तबा ]


Reference : Bukhari No 3705, 5361, 6318 || Muslim No 2727, 2728 || Abu Dawud 5062]

Dua No. 9

Arabic

أَللَّهُمَّ رَبَّ السَّمَوَاتِ السَّبْعِ وَرَبَّ الْعَرْشِ الْعَظِيمِ رَبَّنَا وَرَبَّ كُلِّ شَيْءٍ، فَالِقَ الْحَبِّ وَالنَّوَى وَمُنْزِلَ التَّوْرَاةِ وَالإِنْجِيلِ وَالْفُرْقآنِ ،أَعُوذُ بِكَ مِنْ شَرِّ كُلِّ شَيْءٍ أَنْتَ آخِذٌ بِنَاصِيَتِهِ، أَللَّهُمَّ أَنْتَ الأَوَّلُ فَلَيْسَ قَبْلَكَ شَيْءٌ ، وَأَنْتَ الآخِرُ فَلَيْسَ بَعْدَكَ شَيْءٌ ، وَأَنْتَ الظَّاهِرُ فَلَيْسَ فَوْقَكَ شَيْءٌ ، وَأَنْتَ الْبَاطِنُ فَلَيْسَ دُونَكَ شَيْءٌ ، اقْضِ عَنِّي الدَّيْنَ وَأَغْنِنَا مِنَ الْفَقْرَِ


Hindi Translation

Aye Allah,aye saaton aasmaanon ke Rab aur zameen ke Rab aur Arsh-e-azeem ke Rab,aye hamare aur har cheez ke Rab,aye daane (beej) aur ghatli ko phaadne wale,aye Tauraat o Injeel aur Furqan (Quran) nazil karne wale,mein har uss cheez ke shar se teri panah chahta hoon jiss ki tu peshani pakde hue hai.Aye Allah tu hi awwal hai,pus tujh se pehle koi nahi aur tu hi aakhir hai,pus tere baad koi cheez nahi aur tu hi ghaalib hai,pus tujh par koi cheez (ghaalib) nahi aur tu hi baatin hai,pus tujh se poshida tar koi cheez nahi.Hum se qarz ada (karne ka sabab paida) kar de aur humen muflis se ghani banade

हिंदी तर्जुमा


ऐ अल्लाह, ऐ सात आसमानों के रब और ज़मीन के रब और अर्श-ए-अज़ीम के रब, ऐ हमारे और हर चीज़ के रब, आए दाने ( बीज ) और घटली को फाड़ने वाले, ऐ तौरात ओर इंजील और फुरकान (कुरआन) नाजिल करने वाले, मै हर उस चीज के शर से तेरी पनाह चाहता हूं जिस की तू पेशानी पकड़े हुए हैं। ऐ अल्लाह तू ही अव्वल है, पस तुझ से पहले कोई नहीं और तू ही आखिरी है, पस तेरे बाद कोई चीज नहीं और तू ही ग़ालिब है, पस तुझ पर कोई चीज़ (ग़ालिब) नहीं और तू ही बातिन है, पस तुझ से पोशीदा तार कोई चीज़ नहीं। हम से क़र्ज़ अदा (करने का सबब अदा) कर दे और हमें मुफ़लिस से घनी बनादे

Reference : Muslim No 2713 || At-Tirmidhi No 3481 || Ibn Majah No 3831

Dua No. 10

Arabic

الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي أَطْعَمَنَا وَسَقَانَا ، وَكَفَانَا ، وَآوَانَا ، فَكَمْ مِمَّنْ لاَ كَافِيَ لَهُ وَلاَ مُئْوِيَ


Hindi Translation


Har qism ki taareef uss Allah ke liye hai jiss ne humen khilaya aur pilaya aur humen kaafi ho gaya.Aur humen thikana diya.Kitne aise log hein jinhe na koi kifaayat karne wala hai na thikana dene wala

हिंदी तर्जुमा


हर किस्म की तारीफ उस अल्लाह के लिए है, जिसने हमें खिलाया और पिलाया और हमें काफ़ी हो गया और हमें ठिकाना दिया कितने ऐसे लोग है जिन्हे न कोई किफायत करने वाला है न ठिकाना देने वाला

Reference: Muslim No
2715 || Abu Dawud No 5053

Dua No. 11

Arabic

أَللَّهُمَّ عَالِمَ الْغَيْبِ وَالشَّهَادَةِ فَاطِرَ السَّمَوَاتِ وَالأَرْضِ رَبَّ كُلِّ شَيْءٍ وَمَلِيكَهُ أَشْهَدُ أَنْ لاَ إِلَهَ إِلاَّ أَنْتَ أَعُوذُ بِكَ مِنْ شَرِّ نَفْسِي وَمِنْ شَرِّ الشَّيْطَانِ وَشِرْكِهِ ، وَأَنْ اَقْتَرِفَ عَلَى نَفْسِىْ سُوْءًا، أَوْاَجُرَّهُ اِلَى مُسْلِمٍ


Hindi Translation


Aye Allah,aye gaib aur haazir ko janne wale,aye aasmaanon aur zameen ko paida karne wale,aye har cheez ke Rab aur maalik,mein gawahi deta hoon ke tere siwa koi sachha maabood nahi.Mein teri panah mein aata hoono apne nafs ke shar se aur shaitan ke shar se aur uss ki shirkaat se aur iss baat se bhi (teri panah mein aata hoon ke) mein apne khilaaf kisi buraai ka irtekaab karoon ya ussay kisi musalmaan ki taraf kheench laaon

हिंदी तर्जुमा


ऐ अल्लाह, ऐ ग़ैब और हाजिर को जाने वाले, ऐ आसमान और ज़मीन को पैदा करने वाले, ऐ हर चीज़ के रब और मालिक, मैं गवाही देता हूं के तेरे सिवा कोई सच्चा माबूद नहीं। मैं तेरी पनाह में आता हूं अपने नफ्स के शर से और शैतान के शर से और उसकी शिरकत से और इस बात से भी (तेरी पनाह में आता हूं के) में अपने खिलाफ किसी बुराई का इरतेकाब करूं या उसे किसी मुसलमान की तरफ खींचूं

Reference : Abu Dawud No 5067 || At-Tirmidhi No 3392

Dua No. 12

NABI KAREEM SALLALLAHU ALAIHI WA SALLAM Surah Fussilat (Surah Al-Sajdah) Aur Surah Al-Mulk inn dono Suraton ki tilawat ke baghair nahi soya karte thay

Reference : At-Tirmidhi No 3404

Dua No. 13

Arabic

أَللَّهُمَّ أَسْلَمْتُ نَفْسِي إِلَيْكَ، وَفَوَّضْتُ أَمْرِي إِلَيْكَ، وَوَجَّهْتُ وَجْهِي إِلَيْكَ، وَأَلْجَأْتُ ظَهْرِي إِلَيْكَ، رَغْبَةً وَرَهْبَةً إِلَيْكَ، لاَ مَلْجَأَ وَلاَ مَنْجَا مِنْكَ إِلاَّ إِلَيْكَ، آمَنْتُ بِكِتَابِكَ الَّذِي أَنْزَلْتَ، وَبِنَبِيِّكَ الَّذِي أَرْسَلْتَ

Hindi Translation


Aye Allah mein ne apni rooh tere sapard (hawale) kar di aur apna maamla tujhe saonp diya aur mein ne apna chehra teri taraf mutawajjeh kiya aur apni pusht teri taraf jhukaai.(Ye sab kuchh) rughbat,shauq aur tujh se darte hue kiya.Tere siwa koi na panah gah hai na muqaam-e-najaat.Mein teri uss kitaab par imaan laya jo tu ne nazil farmayi aur tere uss Nabi par bhi jissay tu ne (hamari taraf) bheja

हिंदी तर्जुमा


ऐ अल्लाह में ने अपनी रूह तेरे सुपुर्द (हवाले) कर दी और अपना मामला तुझे सौंप दिया और मैने अपना चेहरा तेरी तरफ मुतवज्जे किया और अपनी पुस्त तेरी तरफ झुकाई। (ये सब कुछ) रुघबत , शौक और तुझ से डरते हुए किया। तेरे सिवा कोई ना पनाहगाह है न मुकाम-ए-नजात। मैं तेरी उस किताब पर ईमान लाया जो तू ने नाजिल फरमाई और तेरे उस नबी पर भी जिस्से तू ने (हमारी तरफ) भेजा

Reference : Bukhari No 6311, 6313, 6315, 7488 || Muslim No 2710 || At-Tirmidhi No 3394

सोने कि दुआ के मसले मसाइल

अल्लाह ने हमें सोने के दुआओं के साथ साथ तरीके भी बताए है हमें उन्हें भी ध्यान में रखना चाहिए तो चलिए जानते है उन तरीको को –

  • रात को जल्दी सोए
  • सोने से पहले बिस्मिल्लाह पढ़ कर मैन दरवाजा बंद कर ले
  • वुजू करके सोए
  • बिस्तर को साफ करके सोए
  • सोने से पहले दुआ पढ़े
  • दायी तरफ करवट ले
  • दाए हाथ के सहारे लेटे
  • चादर ओढ़र सोना बेहतर है
Sone ki Dua Video

Conclusion – निष्कर्ष

आज हमने दुआ सीखने के सिलसिले में Sone ki Dua सीखी जिसको पढ़ने से बहुत सवाब है, साथ हीं हमने सोने के आदाब भी सीखे जिससे हमें सवाब के साथ शारीरिक फायदा भी मिलते है इसलिए हमें ऊपर बतायी गयी दुआएं पढ़कर और इसके आदाब के साथ सोना चाहिए।

एक मुसलमान होने के नाते आपको यह दुआ सभी से शेयर करनी चाहिए और दीन ए इस्लाम से जुडी पोस्ट पढ़ने के लिए हमें रोजाना पढ़ा करें, और आप हमें कमैंट्स के जरिये भी बता सकते है क्योंकि हम भी इंसान है इसलिए गलती हो सकती अल्लाह माफ करें आमीन।

FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सोने से पहले क्या दुआ पढ़ते हैं?

सोने से पहले की हमने 13 दुआएं इस लेख में बताई है आप खुद से तहकीक करके उनमे से जो पढना चाह पढ़ सकते है।

खाना खाने की दुआ क्या है?

रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का फरमान है के जब तुम में से कोई शख्स खाना खाने लगे तो उससे ये कहना चाहीये
بِسْمِ اللَّهِ

Allah ke naam ke Sath

अगर शुरू में कहना भूल जाए तो उसे ये कहना चाहिए
بِسْمِ اللَّهِ أَوَّلَهُ وَآخِرَهُ

Allah ke naam ke saath (khaana) shuru karta hoon
Reference : अबू दाऊद : 3/347, हदीस संख्या : 3767, तिर्मिज़ी : 4/288 ,हदीस संख्या : 1858, देखिए, सह़ीह़ तिर्मिज़ी : 2/167

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