Sehri ki Dua in Hindi : सीखें सहरी या रोज़ा रखने की दुआ क़ुरान और सहीह हदीस की रौशनी में

सहरी की दुआ – Sehri ki Dua 

अस्सलामु अलैकुम, आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे Sehri ki Dua हिंदी में, बहुत से लोग रोजा रखने के बाद दुआ पढ़ते हैं, ऐसे में बहुत से लोगों का कहना है कि रोजा रखने की दुआ कोई नहीं है।

पर वहीं कुछ लोग सहरी की दुआ जरूर पढ़ते हैं, तो अब सवाल यह उठता है कि आखिर क्या सचमुच रोजा रखते वक़्त कोई दुआ पढ़नी चाहिए या फिर नहीं।

अगर आप भी जानना चाहते हो कि सहीह हदीस कि रौशनी में सेहरी कि दुआ क्या हैं? तो हमारी आज की इस पोस्ट को पूरा पढ़ें। हम अपने इस आर्टिकल में आपको रोजा रखने की नियत के बारे में और दुआ के बारे में तफ्सील से बताएंगे।

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सहरी क्या है?

सहरी का मतलब होता है रमजान के दिनों में सुबह फज्र की अज़ान से पहले खाया जाने वाला भोजन। जो भी लोग रोजे रखते हैं वे हर सुबह जल्दी उठकर सहरी करते हैं। सहरी में हर इंसान अपनी पसंद के हिसाब से खाता पीता है। जब सहरी का वक्त पूरा हो जाता है तो उसके बाद वे लोग बिल्कुल भी कुछ खा पी नहीं सकते जिन्होंने रोजा रखने की नियत की होती है। 

सहरी की फजीलत

हालांकि सहरी करना जरूरी नहीं होता, लेकिन वे लोग जो रोजा रखते हैं उन पर सहरी करना सुन्नत है। रमजान के दिनों में हर मुसलमान के लिए सहरी खाना किसी बड़ी इनायत से कम नहीं है। इसलिए सहरी करना सुन्नत ही नहीं है, बल्कि इसकी अपनी ही एक अलग खूबसूरती है, जिसके बिना पर रमजान में खूब रौनक होती है। यही वजह है कि जब लोग रोजा रखते हैं तो वे सहरी जरूर करते हैं।

सहरी की दुआ पढ़ना सही है या गलत?

हम जब भी किसी से सहरी करने की दुआ के बारे में पूछते हैं तो ज्यादातर लोग हमें यह दुआ पढ़ने के लिए कहते हैं –

وَبِصَوْمِ غَدٍ نَّوَيْتُ مِنْ شَهْرِ رَمَضَانَ

(व बि सोमि गदिन नवई तु मिन शहरि रमजान) । 

लेकिन हम यहां आपको बता दें कि सहरी की ये दुआ किसी भी हदीस से साबित नहीं है। इसलिए रोजा रखते वक्त इस दुआ को नहीं पढ़ना चाहिए। ऐसा इसलिए है क्योंकि जो दुआएं किसी हदीस से साबित नहीं होती उनको पढ़ना अफजल नहीं होता। 

Sehri ki Dua – सहरी की दुआ कौन सी है

सहरी के वक्त किसी भी दुआ को पढ़ने के बारे में कोई भी सही जानकारी नहीं है। इसलिए रोज़ा रखते वक़्त कोई भी दुआ पढ़नी जरूरी नहीं है, जब भी आप रोजा रखें तो उसके लिए आपकी रोजा रखने की नीयत ही काफी है। 

तो जब भी आप रोज़ा रखें तो उसके बाद अपने दिल में यह कहें कि आज का मैंने रोजा रखा है, सिर्फ इतना सोचना ही काफी है, हम जब दिल में रोजा रखने की नियत कर लेते हैं तो उसके बाद कोई दुआ पढ़ने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं होती, बस दिल में इरादा करना ही काफी है, और यह भी जरूरी नहीं हैं कि आप इसे बोलकर दोराए।

सहरी में क्या खाना चाहिए

जो लोग रोजा रखते हैं उन्हें पूरे दिन बिना कुछ खाए पिए रहना होता है। इसलिए उन्हें ऐसा खाना खाना चाहिए जिससे कि उनके शरीर को पूरा पोषण मिल सके। इसलिए सहरी में यह नहीं देखना चाहिए कि खाना टेस्टी है या नहीं, बल्कि यह देखना चाहिए कि उसमें न्यूट्रिएंट्स है या नहीं। तो सहरी में इन चीजों को शामिल करना चाहिए –

  • सहरी में ऐसा खाना शामिल करना चाहिए जो कार्ब से भरपूर हो जैसे कि चावल, आलू, अनाज, ब्रेड इत्यादि। इस तरह के Foods लंबे टाइम तक भूख का एहसास नहीं होने देते और देर तक पेट भरा हुआ महसूस होता है।
  • सहरी के दौरान कोशिश करें कि ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं। आपको कम से कम तीन चार गिलास पानी तो जरूर पीना चाहिए। इससे Body में पानी की कमी बिल्कुल नहीं हो सकेगी जिसकी वजह से शरीर हाइड्रेटेड रहता है। 
  • सहरी में Protein भी जरूर शामिल करना चाहिए क्योंकि पूरा दिन कुछ नहीं खाना होता। इसलिए रोजेदार को अपने खाने में प्रोटीन जरूर लेना चाहिए जैसे कि चिकन, Eggs, दही वगैरह। 
  • अपनी सहरी में ऐसे फलों को शामिल करना चाहिए जिनमें खूब पानी हो जैसे कि खीरा, संतरा, नारियल पानी, टमाटर। 

सहरी में क्या नहीं खाना चाहिए

सहरी में रोजेदार को कुछ चीजें खाने से बचना चाहिए जिससे कि सारा दिन ठीक तरह से गुजर जाए। इसके लिए आपको सहरी में निम्नलिखित चीजों को नहीं खाना चाहिए – 

  • ऐसा खाना बिल्कुल ना खाएं जिसमें बहुत ज्यादा मसाले हों, क्योंकि इससे पेट में गैस, जलन और बदहजमी की शिकायत हो सकती है।
  • हद से ज्यादा चाय और कॉफी सहरी के दौरान ना पिएं। इससे आपको दिन में बहुत ज्यादा प्यास महसूस होगी। 
  • कुछ लोग सहरी में नमकीन खाते हैं तो आप ऐसी चीजों से दूर रहें क्योंकि नमकीन Body में डिहाइड्रेशन की Problem  कर सकता है।
  • सहरी में मीठी चीजें खाने से बचें क्योंकि ऐसा खाना बहुत जल्दी Digest हो जाता है, जिसकी वजह से आपको बहुत जल्दी भूख लग सकती है। 

निष्कर्ष (Conclusion) 

आज की इस पोस्ट में हमने आपको बताया सहरी की दुआ हिंदी में। हमने आपको इस लेख में Sehri ki Dua in Hindi के बारे में जानकारी दी। हमने आपको बताया कि क्या सहरी की कोई दुआ है या नहीं। रोजा रखने की नीयत के बारे में जो भी Authentic जानकारी है वह हमने आपके साथ शेयर की। इसलिए अगर आप भी सहरी के वक्त कोई दुआ पढ़ते हैं तो उसे पढ़ना छोड़ दीजिए, बस अपने दिल में रोजे की नीयत करें। हमें उम्मीद है कि हमारा यह आर्टिकल आपके लिए Useful रहा होगा। अगर आपको यह लेख पसंद आया हो तो इसे उन लोगों के साथ भी शेयर करें जो सहरी की दुआ के बारे में सही जानकारी पाना चाहते हैं।

FAQ – Sehri ki Dua

सहरी की दुआ क्या है?

सहरी की कोई दुआ नहीं है इसलिए रोजा रखते टाइम सिर्फ अपने दिल में रोजे की नियत करना काफी है

सहरी की नियत की दुआ क्या है?

सहरी के लिए कोई दुआ नहीं पढ़नी चाहिए क्योंकि Sehri ki Dua किसी भी हदीस से साबित नहीं है।

क्या बिना सहरी के रोजा हो जाता है?

बिना सहरी के रोजा नहीं रखना चाहिए। अगर आपका कुछ खाने पीने का मन ना हो तो आप पानी या फिर चाय पी सकते हैं।

सहरी करने से क्या होता है?

सहरी करना हर मुसलमान पर सुन्नत है। इसलिए हमेशा कोशिश करें कि सहरी करने के लिए आप टाइम पर उठें और कुछ खा पीं लें। अगर सहरी में आप कुछ खाएंगे नहीं तो इससे आपका रोजा तो हो जाएगा मगर सुन्नत रह जाएगी।

सहरी में क्या खाना चाहिए?

सहरी में ऐसी चीजें खानी चाहिए जिनमें फाइबर की क्वांटिटी ज्यादा हो जैसे कि सेब, अनाज, बीन्स, दालें, दही इत्यादि।

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