Top 15+ Masnoon Dua in Hindi| सीखें कुरान और हदीस की रौशनी में मस्नून दुआएं हिंदी तर्जुमा के साथ

Table of Contents

Introduction – शुरुआत

हम लोगों पर अल्लाह पाक का यह बहुत बड़ा करम है कि अल्लाह ने हमें इस दुनिया में मुसलमान बनाकर पैदा किया। ऐसे में हमें भी चाहिए कि हम हर रोज सुबह से लेकर शाम तक जो भी काम करें उसमें अल्लाह का जिक्र जरूर शामिल हो। जब अल्लाह का जिक्र करके कोई भी काम किया जाता है तो उसमें बहुत ज्यादा बरकत भी होती है और साथ ही साथ नामे-अमाल में भी नेकियां बढ़ने लगती हैं।

इसलिए हर मुसलमान को चाहिए कि वो नबी करीम सल्लल्लाहू अलैही वसल्लम की बताई हुई दुआओं को रोजाना पढ़े और याद कर ले। आज हम आपको Masnoon Dua in Hindi बता रहे हैं, जो आपको रोजाना पढ़नी चाहिए जिसको पढ़कर और उस पर अमल करने पर इन शा अल्लाह जन्नत नसीब होंगी

Masnoon dua in hindi

Masnoon Dua

Masnoon Dua क्या होती है?

मसनून दुआ ऐसी दुआएं होती हैं जो सुन्नत से पूरी तरह से साबित होती हैं। इन दुआओं को पढ़ने की फजीलत बहुत ही ज्यादा है और हर मसनून दुआ की फजीलत भी अलग-अलग होती है। किसी भी मसनून दुआ को पढ़ने से पहले जरूरी है कि उसका हवाला जान लिया जाए, ताकि उस दुआ को पढ़कर ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाया जा सके। 

मसनून दुआ को पढ़कर इंसान बहुत सी बलाओं और आफतों से महफूज रह सकता है। इसलिए मसनून दुआ याद करके उन्हें कसरत से पढ़ना चाहिए, ताकि इंसान अल्लाह की हिफाज़त में रहे। जो लोग मसनून दुआएं रोजाना पढ़ते हैं वे अल्लाह ताला के बहुत करीब हो जाते हैं, जिसकी वजह से उन पर अल्लाह की रहमतें हमेशा बनी रहती हैं। 

15 plus Masnoon Dua in Hindi

किसी भी काम को करने से पहले अल्लाह का नाम लेना अच्छा होता है, क्योंकि इस तरह से वह काम सही तरीके से होता है और उसमें बरकत भी होती है। आप चाहें तो प्ले स्टोर से Masnoon Dua App भी Download कर सकते हैं। इससे आपको यह फायदा होगा कि आप बहुत आसानी के साथ मसनून दुआएं पढ़कर याद कर सकते हैं। तो हर दिन सुबह से लेकर शाम तक जो मसनून दुआएं ( Masnoon Dua ) पढ़नी चाहिए वो इस तरह से हैं –

1. रात को सोने से पहले की दुआ हिंदी में 

اَللّٰھُمَّ بِاسْمِکَ اَمُوْتُ وَاَحْیٰی

अल्लाहुम्मा बिस्मिका अमूतु व अह्या

हिंदी तर्जुमा - ऐ  अल्लाह, मैं तेरे ही नाम के साथ मरता हूं और जीता हूं।

Reference : [Bukhari No#6312, 7394; Muslim No# 2711;  Abu Dawud No# 5049; At- Tirmidhi No#3417] 

2. सुबह सोकर उठने के बाद की मसनून दुआ

اَلْحَمْدُ لِلّٰهِ الَّذِيْ أَحْيَانَا بَعْدَ مَا أَمَاتَنَا، وَإِلَيْهِ النُّشُوْر

अल्हम्दुलिल्ला हिल-लज़ी अहयाना बअदा मा अमातना व इलैहिन् नुशूर

हिंदी तर्जुमा - अल्लाह के लिए ही तमाम तारीफें हैं जिसने हमें मौत से (नींद से) जिंदा किया है यानी जगाया है। हम सबको उसी अल्लाह की तरफ एक दिन लौट कर जाना है।

Reference : [Sahi al- Bukhari No#7394, Muslim 4/2083] 

3. खाना खाने से पहले की दुआ

بِسْمِ اللَّهِ وَعَلَى بَرَكَةِ اللَّهِ   

बिस्मिल्लाहि व अला बरकतिल्लाह

हिंदी तर्जुमा – मैं शुरू करता हूं अल्लाह के नाम से जो निहायत बरकत वाला है। 

Reference : [ Bukhari No# , 5378; Abu Dawud No# 3767; At-tirmidhi No# 1858;

4. अगर खाना खाने से पहले दुआ पढ़ना भूल जाए तो यह पढ़ें

بِسْمِ اللَّهِ أَوَّلِهِ وَآخِرِهِ 

बिस्मिल्लाही अव्वा लहू वा आखिराहू

हिंदी तर्जुमा - अल्लाह के नाम से शुरू करता हूं जो अव्वल भी है और आखिर भी है। 

Reference : [Abu Dawud No# 3767 and At-Tirmidhi No# 1858; Al- Albani Sahih At-Tirmidhi 1858 ] 

5. खाना खाने के बाद की दुआ

الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي أَطْعَمَنِي هَذَا وَرَزَقَنِيهِ مِنْ غَيْرِ حَوْلٍ مِنِّي وَلاَ قُوَّةٍ ‏"‏ ‏.‏

अल हम्दुलिल्लाह अल्लजी अत अमनी हाज़ा व रजकनिही मिन गैरी अवलिन मिन्नी वला कूवत्तिन !

हिंदी तर्जुमा- हम्दो सना और तारीफ है उस अल्लाह की जिसने मुझे ये खिलाया और बग़ैर मेरी किसी ताक़त और जोर के इसे मुझे अता किया

Reference : Sunan Ibn Majah 3285

6. घर में दाखिल होने की दुआ

اَللّٰھُمَّ اِنِّیْ اَسْئَلُکَ خَیْرَالْمَوْلِجِ وَخَیْرَالْمَخْرَجِ بِسْمِ اللّٰہِ وَلَجْنَا وَبِسْمِ اللّٰہِ خَرَجْنَا وَعَلَی اللّٰہِ رَبِّنَا تَوَکَّلْنَا

अल्लाहुम्मा इन्नी अस अलुका खैरल मौलजी वा खैरल मखरजी बिस्मिल्लाही वलजना बिस्मिल्लाहि खरजना वा अलल लाही रब्बना तवक्कलना

हिंदी तर्जुमा – ऐ अल्लाह ! मैं आपसे सवाल करता हूं अपने अच्छे दाखिले की और अच्छी तरह से निकलने की। मैं अल्लाह के नाम से दाखिल हुआ, मैं अल्लाह के नाम से निकला और मैंने अपने परवरदिगार पर ही एतमाद किया। 

Reference : [Abu Dawud No# 5095,  Muslim No# 2018]  

7. घर से निकलते वक्त पढ़ने की दुआ 

بِسْمِ اللّٰهِ ، تَوَكَّلْـتُ عَلى اللّٰهِ لاٰ حَوْلَ وَلاٰ قُـوَّةَ إِلاّ بِاِللّٰهِ

बिस्मिल्लाही तवक्कलतू अलल-लाही ला हौला वला कुव्वता इल्ला बिल्लाह

हिंदी तर्जुमा - मैं अल्लाह के नाम से अपने घर से निकलता हूं, मैंने सिर्फ अल्लाह पर ही भरोसा किया है, बेशक अल्लाह के सिवा ना कोई दूसरी ताकत है और ना ही कोई और कुव्वत है। 

Reference : [Abu Dawud No# 5095;  At-Tirmidhi No# 3426; Sahih Tirmidhi 3/151]

8. मस्जिद में दाखिल होते वक्त की दुआ

اللَّهُمَّ افْتَحْ لِي أَبْوَابَ رَحْمَتِكَ

अल्लाहुम्म-फ्तह ली अब वाबा रहमतिक 

हिंदी तर्जुमा – ऐ अल्लाह ! तू मेरे लिए अपनी रहमत के दरवाजे खोल दे। 

Reference : [Abu Dawud No# 465; Muslim No#713] 

9. मस्जिद से निकलते वक्त की दुआ

اللهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ مِنْ فَضْلِكَ

अल्लाह हुम्मा इन्नी असअलुका मिन फज़लिका 

हिंदी तर्जुमा – ऐ अल्लाह ! मैं आपसे आपका फज़ल और आपकी रहमत मांगता हूं। 

Reference : [Abu Dawud No#465] 

10. सफर की दुआ

 سُبْحَانَ الَّذِىْ سَخَّرَ لَنَا هٰذَا وَمَا كُنَّا لَهٌ مُقْرِنِيْنَ وَ اِنَّآ اِلٰى رَبِّنَا لَمُنْقَلِبُوْنَ

सुब्हानल्लज़ी सख्खरलना हाज़ा वमा कुन्ना लहू मुक़रिनीन, व इन्ना इला रब्बीना लमुनक़लिबुन.

हिंदी तर्जुमा – अल्लाह ताला पाक है क्योंकि उसने इस सवारी को पूरी तरह से हमारे काबू में कर दिया है। अल्लाह की मर्जी के बिना हम इस सवारी को किसी कीमत पर अपने काबू में नहीं कर सकते थे। बेशक हमें अपने रब की तरफ ही एक दिन लौट कर जाना है। 

Reference : [Surah Az-Zukhruf 43:13-14] 

11. छींक आने पर यह दुआ पढ़े 

 الحمدللہ

अल्हमदुलिल्लाह

हिंदी तर्जुमा – बेशक तमाम तारीफें सिर्फ अल्लाह के लिए हैं। 

Reference : [Bukhari No# 6624; Abu Dawood No# 5033,  At-Tirmidhi No# 2714, Ibne Majah No# 3715] 

12. टॉयलेट में दाखिल होते वक्त की दुआ

اللّٰهُمَّ إِنِّيْ أَعُوْذُ بِكَ مِنَ الْخُبْثِ وَالْخَبَائِثِ 

अल्लाहुम्मा इन्नी अऊज़ुबिका मिनल खुबुसि वल खबाइस

हिंदी तर्जुमा – ऐ मेरे अल्लाह ! मैं नर और मादा नापाक जिन्नों से तेरी पनाह मांगता हूं। 

Reference : [Muslim 375, Al-Bukhari 1/45;  Muslim 1/283] 

13. टॉयलेट से बाहर निकलते वक्त पढ़ने की दुआ 

غُفْرَانَكَ

गुफरानका

हिंदी तर्जुमा – ऐ अल्लाह ! मैं तुझ से माफ़ी चाहता हूं। 

Reference : [Zadul-Ma’ad 2:387]

14. वुज़ु करने से पहले की दुआ

‘بسم الله

बिस्मिल्लाह 

हिंदी तर्जुमा – मैं शुरू करता हूं अल्लाह के नाम

Reference : [ Ibne Majah 397 and 398] 

15. वुजु करने के बाद की दुआ

أَشْهَدُ أَنْ لاَ إِلَهَ إِلاَّ اللَّهُ وَحْدَهُ لاَ شَرِيكَ لَهُ وَأَشْهَدُ أَنَّ مُحَمَّداً عَبْدُهُ وَرَسُولُهُ اللَّهُمَّ اجْعَلْنِي مِنَ التَّوَّابِينَ وَاجْعَلْنِي مِنَ الْمُتَطَهِّرِينَ

अश-हदु अन् ला इलाहा इल्लल्लाह वहदहु ला शरीका लहु व अश-हदु अन्ना मुहम्मदन अबदुहु व रसूलूहु 
अल्लाहुम्मज'अल्नी मिनत्तव्वाबीना वज'अल्नी मिनल मुतताहि्हरीन

हिंदी तर्जुमा- 
(मैं गवाही देता हूं कि अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं। वह अकेला है। उसका कोई शरीक नहीं और मैं गवाही देता हूं कि मुह़म्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम उसके बंदे और रसूल है 
ऐ अल्लाह! मुझे बहुत अधिक तौबा करने वालों में से बना दे और मुझे पाक-साफ़ रहने वालों में से बना दे।

Reference Muslim #234 b
Sunan Tirmizi #55
Sunan Ibne Maja #470(Sahih)

16. आईना देखने पर यह दुआ पढ़े 

اَللّٰهُمَّ اَنْتَ حَسَّنْتَ خَلْقِىْ فَحَسِّنْ خُلُقِىْ:

अल्लाहुम्मा अन्ता ‘हस्सन-ता ख़ल-क़ी फ़ ‘हस्सिन ख़ुलूक़ी

हिंदी तर्जुमा –  ऐ अल्लाह ! जैसे तूने मेरी सूरत को खूबसूरत बनाया, वैसे ही तू मेरे अख़लाक़ को भी अच्छा बना।

Reference : [Sahih ibne Hibban No# 959 ; Musnad Ahmad No# 3823, 24392, 25221] 

17. कपड़े पहनने की मसनून दुआ 

اَلْحَمْدُ لِلّٰهِ الَّذِيْ كَسَانِيْ هَذَا (الثَّوْبَ) وَرَزَقَنِيْهِ مِنْ غَيْرِ حَوْلٍ مِنِّيْ وَلاَ قُوَّةٍ 

अल्हम्दु लिल्ला हिल्लजी कसानी हाज़ा वरा-ज़क्नीही मिन गैरी हौलिम मिन्नी वला कुव्वाह

हिंदी तर्जुमा –  तमाम तारीफें सिर्फ अल्लाह के लिए हैं क्योंकि अल्लाह ने मुझे यह कपड़ा मेरी बिना कोशिश के पहनाया और मुझे नसीब किया है। 

Reference :  [Abu Dawud No# 4023] 

18. कपड़े उतारते वक्त की दुआ 

بِسْمِ اللّٰهِ 

बिस्मिल्लाह 

हिंदी तर्जुमा –  मैं शुरू करता हूं अल्लाह के नाम से। 

Reference : [At-Tirmidhi 2/505; S Irwa ul Ghalil no 49 and Sahihul -Jami 3/203] 

19. अज़ान के बाद कि दुआ

दुरुद भेजनें के बाद यह दुआ पढ़े

Arabic Dua

اللّٰهُمَّ رَبَّ هَذِهِ الدَّعْوَةِ التَّامَّةِ، وَالصَّلاَةِ الْقَائِمَةِ، آتِ مُحَمَّدًا الْوَسِيْلَةَ وَالْفَضِيْلَةَ، وَابْعَثْهُ مَقَامَاً مَحمُوْداً الَّذِيْ وَعَدْتَهُ

दुआ हिंदी में

अल्लाहुम्म रब्ब हाजिहिद दअवतित ताम्मति वस्सलातिल काइमति आति मुहम्मदानिल वसीलता वल फ़ज़ीलता वब’असहू मक़ामम महमूदा निल्ल्जी व’अत्तहू ।

दुआ का तर्जुमा हिंदी में

ऐ मेरे अल्लाह, इस दावते कामिल और कयामत तक कायम रहने वाली इस नमाज के रब, तू हमारे रसूल सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम को वसीला और फजीला अता करके उन्हें मक़ामे महमूद पर खड़ा कर दे, जिसका तूने उनसे वादा किया है। बेशक अल्लाह तू कभी भी वादाखिलाफी नहीं करता है।

Reference : [ Bukhari No# 614, 4719; At-Tirmidhi No# 211, Abu Dawud No# 529, An-Nasai No# 680, Ibn Majah No# 722 ]

निष्कर्ष (Conclusion)

दोस्तों यह थी हमारी आज की पोस्ट मसनून दुआ हिंदी में (Masnoon Dua in Hindi) हमने आपको अपने इस आर्टिकल में बताया कि मसनून दुआ क्या होती है, इसके अलावा हमने आपको कुछ मसनून दुआएं भी बताईं जो आपको हर दिन जरूर पढ़नी चाहिए जिसमें सोने से उठने तक, खाना शुरू करने से बाद तक, दुआएं सहीह हदीस से साबित, शामिल हैं।

उम्मीद करते हैं कि आपको मसनून दुआ की यह पोस्ट जरूर अच्छी लगी होगी, अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो इसे और लोगों के साथ भी जरूर शेयर करें, जो मसनून दुआ हिंदी में पढ़ना चाहते हैं, Thanks।

FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. मसनून दुआ क्यों पढ़नी चाहिए?

मसनून दुआ पढ़ने से हम जो भी काम करते हैं उसमें बरकत होती है और वह काम भी ठीक तरीके से होता है। 

किसी भी काम को शुरू करने से पहले क्या कहना चाहिए? 

किसी भी काम को शुरू करने से पहले हमेशा बिस्मिल्लाह कहना चाहिए। 

मसनून दुआएं कब पढ़ी जाती हैं?
मसनून दुआएं सुबह-शाम या दिन-रात

किसी भी समय पढ़ी जा सकतीं हैं। लेकिन हमेशा इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि आप जो भी काम करें आपको उससे जुड़ी हुई मसनून दुआ ही पढ़नी चाहिए, जैसे कि जब सोने के लिए बिस्तर पर लेटते हैं तो उस टाइम आपको सोने की दुआ पढ़नी चाहिए। इसी तरह से जब आप घर से बाहर जाते हैं तो तब आपको घर से बाहर जाने की दुआ पढ़नी चाहिए। 

क्या मसनून दुआ पढ़ना जरूरी होता है?

जी हां, अगर आप एक मुसलमान हैं तो आपको मसनून दुआ जरूर पढ़नी चाहिए, क्योंकि इस तरह से हमें अल्लाह की कुरबत मिलती है। 

क्या हम मसनून दुआएं हिंदी में पढ़ सकते हैं?

जी, बिल्कुल पढ़ सकते हैं। अगर आपको अरबी नहीं आती है तो ऐसे में आपको मसनून दुआएं हिंदी में पढ़नी चाहिए।

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