सीखें अज़ान के बाद कि दुआ सहीह हदीस की रौशनी में : Azan ke baad ki dua in Hindi

Azan ke Baad ki Dua आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे अजान के बाद की दुआ के बारे में। हम सब जानते हैं कि हर नमाज से पहले अज़ान होती है। पर बहुत से लोगों को यह पता नहीं होता कि अज़ान के बाद क्या पढ़ना चाहिए। इसलिए अगर आपको यह नहीं मालूम कि अज़ान के बाद हमें क्या कहना चाहिए तो इसमें हम आपकी मदद करेंगे। आज हम आपको बताएंगे कि अज़ान के बाद की दुआ कौन सी है, और इसे पढ़ने के क्या फायदे हैं, इसलिए इस दुआ के बारे में सारी जानकारी ठीक तरह से पाने के लिए हमारी आज की इस पोस्ट को शुरू से लेकर आखिर तक पूरा पढ़ें।

Azan ke baad ki dua in Hindi

अज़ान क्या है?

अज़ान का Meaning  होता है ऐलान, जोकि मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए लोगों को बुलाने के लिए किया जाता है। इसलिए अज़ान होने पर लोग नमाज़ पढ़ने के लिए मस्जिद में जाते हैं। इस तरह से हम कह सकते हैं कि अज़ान का मतलब होता है अल्लाह के घर में नमाज की दावत के लिए लोगों को पुकारना।

जरूरी नहीं है कि अज़ान की आवाज सुनकर हर इंसान को सिर्फ मस्जिद में ही जाकर नमाज़ पढ़नी चाहिए। अगर कोई इंसान ऑफिस में है या फैक्ट्री में है तो ऐसे में वह दुकान या फिर फैक्ट्री में भी नमाज़ पढ़ सकता है। वहीं अगर घर के आसपास मस्जिद ना हो तो ऐसे में नमाज घर में भी अदा की जा सकती है।

हर दिन 5 बार अज़ान होती है और 5 बार ही नमाज़ अदा की जाती है। इसलिए हर मुसलमान को चाहिए कि वह नमाज अदा करने से पहले अज़ान सुने और उसके बाद अज़ान के बाद की दुआ को पढ़े। फिर वजू करके अपनी नमाज़ अदा करे।

Azan ke Baad ki Dua

हर दिन 5 बार अज़ान होती है, जिसके बाद सभी मुसलमान नमाज़ पढ़ते हैं। लेकिन जब अज़ान होती है तो अज़ान के बाद की दुआ पढ़नी चाहिए। अज़ान के बाद पढ़ने वाली दुआ इस तरह से है –

अज़ान के जवाब देने के बाद नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पर दुरूद भेजें-

Arabic Dua

اللّهُـمَّ صَلِّ عَلـى مُحمَّـد، وَعَلـى آلِ مُحمَّد، كَمـا صَلَّيـتَ عَلـى إبْراهـيمَ وَعَلـى آلِ إبْراهـيم، إِنَّكَ حَمـيدٌ مَجـيد ، اللّهُـمَّ بارِكْ عَلـى مُحمَّـد، وَعَلـى آلِ مُحمَّـد، كَمـا بارِكْتَ عَلـى إبْراهـيمَ وَعَلـى آلِ إبْراهيم، إِنَّكَ حَمـيدٌ مَجـيد

Dua Hindi mein

Allaahumma salle ala muhammadivan va ala aali muhammadin kama salalaita ala ibraahim va ala aali ibraahim innak hameedum majeed 
Allaahumma baarik ala muhammadiv va ala aali muhammadin kama baarakata ala ibraahim va ala aali ibraahim innak hameedum majeed

दुआ हिंदी में

अल्लाहुम्मा सल्ले अला मुहम्मदिवं व अला आलि मुहम्मदिन कमा सललैता अला इब्राहिम व अला आलि इब्राहिम इन्नक हमीदुम मजीद 
अल्लाहुम्मा बारिक अला मुहम्मदिव व अला आलि मुहम्मदिन कमा बारकता अला इब्राहिम व अला आलि इब्राहिम इन्नक हमीदुम मजीद

दुआ का तर्जुमा हिंदी में

ए अल्लाह सलामती उतार हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वस्सल्लम पर और हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वस्सल्लम की आल पर। जैसे सलामती की तूने हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम पर और हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की आल पर।

बेशक तू ही तारीफ़ के लायक बड़ी बुजुर्गी वाला है।

ए अल्लाह बरकत उतार हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वस्सल्लम पर और हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वस्सल्लम की आल पर जैसे बरकतें की तूने हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम पर और हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की आल पर।

बेशक तू ही तारीफ़ के लायक बड़ी बुजुर्गी वाला है।

Reference :

[ Bukhari No# 3370, 4797 and 6357; Muslim No# 405 and 406; Abu Dawud No# 977 and 978 At-Tirmidhi No# 483 and 3220 An-Nasai No# 1285, 1287, 1288, 1290, 1291, 1292; Ibn Majah No# 904 ]

दुरुद भेजनें के बाद यह दुआ पढ़े

Arabic Dua

اللّٰهُمَّ رَبَّ هَذِهِ الدَّعْوَةِ التَّامَّةِ، وَالصَّلاَةِ الْقَائِمَةِ، آتِ مُحَمَّدًا الْوَسِيْلَةَ وَالْفَضِيْلَةَ، وَابْعَثْهُ مَقَامَاً مَحمُوْداً الَّذِيْ وَعَدْتَهُ

Dua Hindi mein

Allahumm rabb hajihid daavatit tammati wasslatil kaimati ati muhammadanil wasilata wa fazilata wab'asahu maqaam mahmuda nillji wa'attahu.

दुआ हिंदी में

अल्लाहुम्म रब्ब हाजिहिद दअवतित ताम्मति वस्सलातिल काइमति आति मुहम्मदानिल वसीलता वल फ़ज़ीलता वब’असहू मक़ामम महमूदा निल्ल्जी व’अत्तहू ।

दुआ का तर्जुमा हिंदी में

ऐ मेरे अल्लाह, इस दावते कामिल और कयामत तक कायम रहने वाली इस नमाज के रब, तू हमारे रसूल सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम को वसीला और फजीला अता करके उन्हें मक़ामे महमूद पर खड़ा कर दे, जिसका तूने उनसे वादा किया है। बेशक अल्लाह तू कभी भी वादाखिलाफी नहीं करता है।

Reference :

[ Bukhari No# 614, 4719; At-Tirmidhi No# 211, Abu Dawud No# 529, An-Nasai No# 680, Ibn Majah No# 722 ]

अज़ान के बाद की दुआ अरबी में

अज़ान के जवाब देने के बाद नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पर दुरूद भेजें

اللّهُـمَّ صَلِّ عَلـى مُحمَّـد، وَعَلـى آلِ مُحمَّد، كَمـا صَلَّيـتَ عَلـى إبْراهـيمَ وَعَلـى آلِ إبْراهـيم، إِنَّكَ حَمـيدٌ مَجـيد ، اللّهُـمَّ بارِكْ عَلـى مُحمَّـد، وَعَلـى آلِ مُحمَّـد، كَمـا بارِكْتَ عَلـى إبْراهـيمَ وَعَلـى آلِ إبْراهيم، إِنَّكَ حَمـيدٌ مَجـيد

Reference :

[ Bukhari 3370, 4797; Muslim 405; Abu Dawud 977; At-Tirmidhi 483; An-Nasai 1285,; Ibn Majah 904 ]

दुरुद भेजनें के बाद यह दुआ पढ़े

اللّٰهُمَّ رَبَّ هَذِهِ الدَّعْوَةِ التَّامَّةِ، وَالصَّلاَةِ الْقَائِمَةِ، آتِ مُحَمَّدًا الْوَسِيْلَةَ وَالْفَضِيْلَةَ، وَابْعَثْهُ مَقَامَاً مَحمُوْداً الَّذِيْ وَعَدْتَهُ

Reference :

[ Bukhari 614,; At-Tirmidhi 211, Abu Dawud 529, An-Nasai 680, Ibn Majah 722 ]

Azan ke Baad ki Dua Roman Hindi mein

Durood bhejne ke bad yah padhe

Allahumm rabb hajihid daavatit tammati wasslatil kaimati ati muhammadanil wasilata wa fazilata wab’asahu maqaam mahmuda nillji wa’attahu.

अज़ान के बाद की दुआ हिंदी में

दुरुद भेजनें के बाद यह दुआ पढ़े

अल्लाहुम्मा रब्बा हाजिहिद दअवतित-त-ताम्मति वस्सलातिल कायिमति आती मुहम्मदानिल वसीलता वल फ़ज़ीलता वब’असहू मक़ामम महमूदा निल्ल्जी व’अत्तहू ।

तर्जुमा हिंदी में

ऐ मेरे अल्लाह, इस दावते कामिल और कयामत तक कायम रहने वाली इस नमाज के रब, तू हमारे रसूल सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम को वसीला और फजीला अता करके उन्हें मक़ामे महमूद पर खड़ा कर दे, जिसका तूने उनसे वादा किया है। बेशक अल्लाह तू कभी भी वादाखिलाफी नहीं करता है।

दुआ कि फजीलत

  • अज़ान की दुआ की फजीलत बहुत ज्यादा है, क्योंकि हमारे रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने यह फरमाया है कि जो भी इंसान अज़ान देता है उसे बहुत सवाब मिलता है। अज़ान देने वाले इंसान का रुतबा बहुत ज्यादा बड़ा होता है।
  • ऐसे में जो लोग अज़ान के बाद की दुआ पढ़ते हैं उन्हें भी बहुत सवाब मिलता है।
  • इसके अलावा ऐसे लोगों के अल्लाह गुनाह भी बख्श देता है और उन्हें जन्नत में भी जगह मिलती है।

इसलिए जब भी आप अज़ान की आवाज सुनें तो उसके बाद की दुआ को जरूर पढ़ें, ताकि आप पर अल्लाह की रहमत बरसे।

अज़ान सुनकर जवाब देने का सही तरीका

अज़ान सुनकर उसका जवाब देना चाहिए। जब भी आप अज़ान सुनें तो आप हमेशा वही कहें जो अज़ान देने वाला यानी कि मुअज्जिन कहता है। लेकिन हय्या अलस-सलाह और हय्या अलल-फलाह सुनकर उसके जवाब में “लाहौला वला कुव्वता इल्ला बिल्लाह” कहना चाहिए।

अज़ान के वक्त कुछ ध्यान रखने वाली बातें

जब अज़ान होती है तो तब कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है जैसे कि –

  • अज़ान के टाइम किसी भी तरह की बातों में या फिर काम में Busy ना रहें, बल्कि सभी काम छोड़कर और चुपचाप बैठकर अजान सुननी चाहिए। जो लोग अजान का एहतराम नहीं करते उन पर अल्लाह की लानत बरसती है।
  • जैसे ही अज़ान की आवाज कानों में पड़े उस वक्त सभी दुनियावी कामों को छोड़कर अज़ान की तरफ तवज्जोह देनी चाहिए। दिन में 5 बार अज़ान होती है, इसलिए हर अज़ान के वक्त अज़ान सुनकर उसका जवाब देना चाहिए।
  • अगर आप अज़ान के वक्त कुरान पढ़ रहे हैं तो उस वक्त उसकी तिलावत को रोककर अज़ान को सुनना चाहिए।

निष्कर्ष

आज की इस पोस्ट में हमने आपको बताया कि अज़ान के बाद की दुआ क्या हैं?, अज़ान की दुआ अरबी में और हिंदी में कैसे पढ़ते हैं?, इसके अलावा हमने आपको बताया कि अज़ान की दुआ का तर्जुमा क्या होता है?, इसके साथ साथ हमने आपको यह भी जानकारी दी कि अज़ान क्या होती है और इसकी फजीलत क्या है। अपने इस आर्टिकल में हमने आपको यह भी जानकारी दी कि अज़ान का जवाब कैसे देना चाहिए इसलिए हमें पूरी उम्मीद है कि आपको यह सारी बातें जरूर अच्छी लगीं होंगी अब आप Azan ke Baad ki Dua के बारे में दूसरे लोगों को भी जरूर बताएं ताकि वो लोग भी यह दुआ सीख सके।

FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अज़ान के बाद क्या पढ़ना चाहिए?

अज़ान के बाद दुआ पढ़नी चाहिए। दुआ के बारे में सारी जानकारी ऊपर दी गई है।

क्या अज़ान का जवाब देना चाहिए और इसकी फजीलत क्या है?

जी हां अज़ान सुनकर उसका जवाब जरूर देना चाहिए। जब कोई मुसलमान अजान सुनकर उसका जवाब देता है तो उसके गुनाह बख्श दिए जाते हैं और उसे जन्नत में जगह मिलती है।

अज़ान का जवाब कैसे देना चाहिए?

अज़ान का जवाब देने के लिए अज़ान सुनकर उसे दोहराना चाहिए।

क्या अज़ान के बिना नमाज हो सकती है?

जी नहीं, नमाज से पहले अज़ान देना जरूरी होता है।

अज़ान के बाद अल्लाह से दुआ करने से क्या होता है?

जो कोई अज़ान के बाद अल्लाह से अपने लिए दुआ करता है तो अल्लाह उस वक्त उसकी दुआ को जरूर कबूल करते हैं।

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