Ayatul Kursi in Hindi : आयतुल कुर्सी हिंदी तर्जुमे के साथ ( अल कुरान 2:255 )

अस्सलामुअलैकुम आज हम अल क़ुरान कि सूरह बकराह कि आयत 255 ( Ayatul Kursi in Hindi ) पढ़ेंगे जिसकी बहुत ज्यादा फ़जीलत बतायी गयी हैं, अगर आप इस आयतुल कुर्सी को सीखकर उस पर अमल करते हैं और अल्लाह के इलावा किसी कि इबादत नहीं करते हैं तो, इन शा अल्लाह जन्नत नसीब होंगी क्योंकि इसमें तौहीद को बयान किया गया हैं।

आयतुल कुर्सी क़ुरान मजीद कि सभी आयतों में सबसे आला और अफजल आयत हैं, ( सहीह मुस्लिम 1885 ) एक और दूसरी हदीस में आप सल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इस आयत को सबसे बड़ी अजमत और फ़जीलत वाली आयत बताया हैं, ( सुनन अबु दाउद 4003 )

यह कितनी फ़जीलत वाली आयत हैं इसको आप हदीस से समझ चुके हैं, इसलिए इसको याद करके इस पर अमल करना कितना जरुरी हैं यह भी समझ गए होंगे तो चलिए इसे पढ़ते हैं।

सूरह का नाम सूरह न.आयत न.
बकराह 2255
Ayatul kursi in Hindi

Ayatul Kursi in Hindi

हमने इसे पढ़ने वालो को ध्यान में रखते हुए आसान भाषा में तर्जुमे के साथ लिखने कि पूरी कोशिश कि हैं, जिसे आप नीचे पढ़ सकते हो –

 Arabic 

بِسْمِ اللَّـهِ الرَّحْمَـٰنِ الرَّحِيمِ اللَّـهُ لَا إِلَـٰهَ إِلَّا هُوَ الْحَيُّ الْقَيُّومُ ۚ لَا تَأْخُذُهُ سِنَةٌ وَلَا نَوْمٌ ۚ لَّهُ مَا فِي السَّمَاوَاتِ وَمَا فِي الْأَرْضِ ۗ مَن ذَا الَّذِي يَشْفَعُ عِندَهُ إِلَّا بِإِذْنِهِ ۚ يَعْلَمُ مَا بَيْنَ أَيْدِيهِمْ وَمَا خَلْفَهُمْ ۖ وَلَا يُحِيطُونَ بِشَيْءٍ مِّنْ عِلْمِهِ إِلَّا بِمَا شَاءَ ۚ وَسِعَ كُرْسِيُّهُ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ ۖ وَلَا يَئُودُهُ حِفْظُهُمَا ۚ وَهُوَ الْعَلِيُّ الْعَظِيمُ

Transliteration
बिस्मिल्लाह-हिर्रहमान-निर्रहीमअल्लाहु ला इलाहा इल्लाहू अल हय्युल क़य्यूम ला तअ’खुज़ुहू सिनतुव वला नौम लहू मा फिस सामावाति वमा फ़िल अर्ज़ मन ज़ल लज़ी यश फ़ऊ इन्दहू इल्ला बि इजनिह यअलमु मा बैना अयदी हिम वमा खल्फहुम वला युहीतूना बिशय इम मिन इल्मिही इल्ला बिमा शा अ वसिअ कुरसिय्यु हुस समावति वल अर्ज़ वला यऊ दुहू हिफ्ज़ुहुमा वहुवल अलिय्युल अज़ीम
[ कुरान सूरह बकराह आयत न. 255 ]

हिंदी तर्जुमा

अभी हमने आयतुल कुर्सी अरबी में पढ़ी अब हम निचे इसका हिंदी तर्जुमा आसान लफ्जो में पढ़ेंगे इन शा अल्लाह –

आयतुल कुर्सी का हिंदी तर्जुमा

शुरू अल्लाह के नाम से जो बड़ा मेहरबान और बहुत ज्यादा रहम करने वाला हैं

अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं

अल्लाह ही हमेशा जिंदा और बाकी रहने वाला है

न उसको ऊंघ आती है और न ही नींद

जो कुछ भी आसमानों पर है और जो भी ज़मीन पर है सब अल्लाह ही का है

कौन है जो बिना अल्लाह कि इजाज़त के उसकी सिफारिश कर सके

अल्लाह उन्हे भी जानता है जो मख्लूकात के सामने है और उसे भी जो उन से ओझल है

बन्दे उसके इल्म का ज़रा भी इहाता नहीं कर सकते सिवाए उन बातों के इल्म के जो खुद अल्लाह देना चाहे

उसकी ( हुकूमत ) की कुर्सी ज़मीन और असमान को घेरे हुए है

ज़मीनों आसमान की हिफाज़त उसपर दुशवार नहीं

वह बहुत बलंद और अज़ीम ज़ात है

आयतुल कुर्सी कि फ़जीलत

क़ुरान कि इस आयत कि बहुत ज्यादा फ़जीलत हैं, जिसे आप नीचे पढ़ सकते हो –

  • सोने से पहले पढ़ने से शैतान सुबह तक पास भी नहीं आ सकता ( सहीह बुखारी 3275 )
  • सोने से पहले पढ़ने से अल्लाह कि तरफ से एक फरिश्ता तुम्हारी हिफाजत करता हैं ( सहीह बुखारी 3275 )
  • इसे हर फर्ज नमाज के बाद पढ़ने से जन्नत और उसके बीच सिर्फ मौत रुकावट होगी ( अल सहिहा:749 सहीह)
  • आयत कि फ़ज़ीलत इस वजह से है, क्योंकि यह अल्लाह का कलाम है और  अल्लाह का कलाम अल्लाह कि मख़लूक़ यानी आसमान और ज़मीन से बढ़कर है ( सुनन अत तिर्मिजी 2884 )

आयतुल कुर्सी से जुड़ी हदीस

इस आयत से जुड़ी कई सहीह हदीस हैं, जिसमे इस आयत के बारे में बताया गया हैं जो इस तरह हैं –

  • आयतल कुर्सी अल्लाह का कलाम है़ और इसकी फ़ज़ीलत ज़मीन आसमान से भी बढकर है़ ( तिरमिज़ी _2884 )
  • हर फ़र्ज़ नमाज़ के बाद आयतल कुर्सी पढ़ने से इंसान सीधा जन्नत मे जायेगा ( सुनन निसाई_ 6464 सही अल जामी )
  • आयतल कुर्सी कुरान की तमाम आयतों मे सबसे आला और अफ़ज़ल है़ ( सहीह बुखारी _1885 )
  • रात को सोने से पहले पढेंगे तो एक फरिश्ता मुकर्रर कर दिया जाता है़ ( सहीह बुखारी_3275 )
  • आप सल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इस आयत को सबसे बड़ी अजमत और फ़जीलत वाली आयत बताया हैं, ( सुनन अबु दाउद 4003 )
Ayatul kursi in Hindi Video

निष्कर्ष

आयतुल कुर्सी कुरान कि सबसे अफजल आयत मानी जाती हैं जिसको हम रेफ़्रेन्स के साथ पढ़ चुके हैं, इसलिए इसकी फ़जीलत बहुत हीं ज्यादा हैं, इस आयत को पढ़ने से हमारा ईमान मज़बूत होता हैं और सिर्फ अल्लाह हीं का डर हमारे दिलो में होता हैं, ऐसे में हमें चाहिए कि इस आयत को याद करें और उस पर अमल करें इन शा अल्लाह अज्र जरूर मिलेगा जैसा कि इसमें बताया गया हैं बाकि और भी इसकी फ़जीलत और फायदे हैं अल्लाह बेहतर जानता हैं।

अगर बात करें क़ुरान कि तो हमें रोज अल्लाह के कलाम को तर्जुमा के साथ समझ कर पढना चाहिए और उस पर अमल करना जरुरी हैं, उम्मीद करते हैं आप को बतायी गयी जानकारी फायदेमंद लगी होंगी इसलिए इसे सभी लोगो के साथ शेयर करें और सवाब कमाने का जरिया बने।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अतल ( आयतुल ) कुर्सी पढ़ने से क्या फायदा होता है?

इसको पढ़ने के बहुत फायदे हैं, जैसे –
एक फरिश्ता हमारी हिफाजत करता हैं ( सहीह बुखारी 3275 )
फर्ज नमाज के बाद पढ़ने से इन शा अल्लाह जन्नत मिलेगी ( अल सहिहा:749 सहीह )
रात को पढ़कर सोने से शैतानी फितने से छुटकारा मिलता हैं ( सहीह बुखारी 3275 )

आयतल कुर्सी में कितनी आयत है?

आयतल कुर्सी खुद क़ुरान कि सूरह बकराह कि आयत न. 255 हैं, जिसमें अल्लाह ने तौहीद को बयान किया गया हैं।

सूरह अल कुर्सी किसके लिए अच्छा है?

यह सूरह नहीं हैं, बल्कि सूरह बकरा कि आयत न. 255 हैं, यह उन सभी के लिए अच्छी हैं, जो अल्लाह पर यकीन रखते हैं, और उसी से मदद कि उम्मीद रखते हैं।

क़ुरान मजीद कि सभी आयतों में सबसे आला और अफजल आयत कौनसी हैं?

आयतुल कुर्सी क़ुरान मजीद कि सभी आयतों में सबसे आला और अफजल आयत हैं, ( सहीह मुस्लिम 1885 )

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